गुनाह होते हुऎ देखा

Standard

मैने खुद को ही तबाह होते हुऎ देखा ,
जर्रे जर्रे में गुनाह होते हुऎ देखा ।

रग रग में लहू बन के जो दौड़ता था,
मैनें उसको भी स्याह होते हुऎ देखा ।

उचाँईयों से ना मेरा जिक्र करो ,
खुद को गर्दिश में पनाह होते हुऎ देखा ।

जो समझता था मुझे मुझसे ज्यादा ,
मैने उसको भी खफ़ा होते हुऎ देखा ।

गैरों की क्या बात करूँ तुमसे ,
मैनें अपने साये को जुदा होते हुऎ देखा ।

19 responses »

  1. जो समझता था मुझे मुझसे ज्यादा ,
    मैने उसको भी खफ़ा होते हुऎ देखा ।

    गैरों की क्या बात करूँ तुमसे ,
    मैनें अपने साये को जुदा होते हुऎ देखा ।

    waah bahut badhiya,ye dard kyun hainazmo mein,deep teri roushani khilkhilane de,holi ki bahut badhai.

  2. VERY GOOD

    जो समझता था मुझे मुझसे ज्यादा ,
    मैने उसको भी खफ़ा होते हुऎ देखा ।

    गैरों की क्या बात करूँ तुमसे ,
    मैनें अपने साये को जुदा होते हुऎ देखा ।

    THESE LINE ARE VERY TRUE AND REAL

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s