हौसलों के देश में

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एक कदम ही रखा ,हो खडा़ महल गया ,
दिल मेरा सम्भल गया , टूट कर सवरं गया ,
हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

देश है ये इक नया , इक अलग जहाँन है ,
हारता नहीं कोई , जीत ही मुकाम है ,
हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

ना कहीं जमीन है , ना कहीं मकान हैं ,
रोग इक नया लगा चैन और सुकून का ,
हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

उठ खडे़ सभी हुऎ , गिर गये थे जो कहीं ,
दौड़ ने सभी लगे ,चल सके ना थे कभी ,
हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

फ़ूल थे ना खार थे , शब्द थे ना बाण थे ,
हर तरफ़ जुनून था , काम का सुकून था ,
हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

फ़िजुल था ना वक्त , काटनी उम्मीद की फ़सल जो थी ,
ना कोई जंग थी ,दोस्ती की नसल जो थी ,
हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

सपना है मेरा, मेरा देश हो हौंसलों के देश सा ,
बने मेरा देश भी हौंसलॊ के देश सा ,
हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

12 responses »

  1. बने मेरा देश भी हौंसलॊ के देश सा ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    -आमीन!

    गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाऐं.

  2. बने मेरा देश भी हौंसलॊ के देश सा ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।
    बहुत अच्‍छा….बहुत बहुत बधाई।

  3. सपना है मेरा, मेरा देश हो हौंसलों के देश सा ,
    बने मेरा देश भी हौंसलॊ के देश सा ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।
    सपने अवश्य पूरे होंगे। सारे भारतीयों का यह सपना है।
    सुंदर रचना है।
    गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

  4. देश है ये इक नया , इक अलग जहाँन है ,
    हारता नहीं कोई , जीत ही मुकाम है ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    उठ खडे़ सभी हुऎ , गिर गये थे जो कहीं ,
    दौड़ ने सभी लगे ,चल सके ना थे कभी ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।
    Above lines are really well written but I request u to change the following one, if possible. Pl don’t take it otherwise. I want to see your poetries in perfection.
    फ़िजुल था ना वक्त , काटनी उम्मीद की फ़सल जो थी ,
    ना कोई जंग थी ,दोस्ती की नसल जो थी ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    सपना है मेरा, मेरा देश हो हौंसलों के देश सा ,
    बने मेरा देश भी हौंसलॊ के देश सा ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    Good Luck…..!!!!!!!!

  5. फ़ूल थे ना खार थे , शब्द थे ना बाण थे ,
    हर तरफ़ जुनून था , काम का सुकून था ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।
    waah bahut khubsurat,dil mein ek umang bhar gayi.

  6. एक कदम ही रखा ,हो खडा़ महल गया ,
    दिल मेरा सम्भल गया , टूट कर सवरं गया ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    देश है ये इक नया , इक अलग जहाँन है ,
    हारता नहीं कोई , जीत ही मुकाम है ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    ना कहीं जमीन है , ना कहीं मकान हैं ,
    रोग इक नया लगा चैन और सुकून का ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    उठ खडे़ सभी हुऎ , गिर गये थे जो कहीं ,
    दौड़ ने सभी लगे ,चल सके ना थे कभी ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    फ़ूल थे ना खार थे , शब्द थे ना बाण थे ,
    हर तरफ़ जुनून था , काम का सुकून था ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    फ़िजुल था ना वक्त , काटनी उम्मीद की फ़सल जो थी ,
    ना कोई जंग थी ,दोस्ती की नसल जो थी ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

    सपना है मेरा, मेरा देश हो हौंसलों के देश सा ,
    बने मेरा देश भी हौंसलॊ के देश सा ,
    हौसलों के देश में , हौसलों के देश में ।

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