मेरे शब्द-मेरे विचार

Standard
 अपनी इच्छाओं के विरूध्द वक्त को समझ कर दिल को समझा कर हालातों के साथ किस्मत से लड़ना ही जिन्दगी है ।

— हेम ज्योत्स्ना “दीप “

 जिन्दगी की हर सुबह जरुरी नहीं के रोशनी के साथ हो , कभी कभी बादल किरनों को रोक लेते हैं पर रोशनी का होना तय है चाहे  वो बादलो के बरसनें के बाद ही आये ।

— हेम ज्योत्स्ना “दीप “

 Nothing is everything for me because everything is nothing for me including you

— हेम ज्योत्स्ना “दीप “

ये नीचे के दोनों मेरे शब्द नहीं पर अच्छे लगे सो लिख दिये —

कोई इन्सान महान नहीं होता , महान होती है चुनोतियाँ  और जब एक आप आदमी इन्हें स्वीकार करें तब वो महान कहलाता है ।

 — > फ़िल्म – विरुध्द

चल चलते जायें चलना है , कितने भी हो दुख सहना हैं मिट्टी मिट्टी से मिल जायें कलीयों को फ़िर से खिलना है । तेरे ही कदमों से जिने की राह पाई है , सुने आँगन में धुन प्यार की सुना ये ज़मी आँसमाँ फ़िर होगे मेहरबान ,खिलखिलाती आ रही है सुबह।

— > फ़िल्म – विरुध्द

4 responses »

  1. अपनी इच्छाओं के विरूध्द वक्त को समझ कर दिल को समझा कर हालातों के साथ किस्मत से लड़ना ही जिन्दगी है ।

    नदी की धारा के बिपरीत बह कर सागर में नही मिला जाता ……

    उस अन्तिम लक्ष्य को पाना है तो बहना होगा ,सारी इच्छाओं,हालातो ,वक़्त और सायद किस्मत को समेट कर🙂

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s