खाक होने से पहले

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बात नहीं करनी ना करना तुम ,
फासला मगर ना करना तुम ,

खाक होने से पहले जो पुकारूँ नाम ,
सुन के अनसुना ना करना तुम ,

वक्त की धारा में बिछड़े हैं हम ,
मिले तो किनारा ना करना तुम ,

तन्हाई का शिकार हूँ मैं -तुम भी ,
तन्हा को और तन्हा ना करना तुम ,

दुर रह कर भी अपनी सी लगती हो ,
पास आकर अजनबी ना करना तुम ,

सहारा नहीं मांगा हैं तुमसे मगर ,
मझधार में बेसहारा ना करना तुम ,

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