हेम की ज्योत्स्ना

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एक हार ने हरा दिया मुझको ,
जीत है क्या ? एहसास करा दिया मुझको ,
ये दुनियाँ भीड़ का एक सैलाब सा है ,
जब भी सुना ग़मों का एक शोर सा है ।
तेरे इन्तजार ने, तन्हाई से मिला दिया मुझको ,
तेरी चुप्पी हर शोर में सुनाई देती थी ,
आँखों को बन्द कर जब भी देखा ,
तू हर रंग में नजर आया ,
तेरी बातों पर जब भी चला मैं ,
मंज़िल तक रास्ता नजर आया ,
तू मेरे साथ है इस हॉंसले ने ,
तूफाँ में साहिल तक आना सिखा दिया मुझको ।
यूँ-ही भटक रहे थे हम वक्त के गलियारों में
ढूँढते रहे तुझे रात के सितारों में
पर सुबह को वो सब खो जाते हैं
हम एक बार फ़िर तन्हा हो जाते हैं
तू मिलेगा एक दिन चांद की तरह
इस सच ने रातभर तारों की तरह चमकना सिखा दिया मुझको
हर रात के अन्धेरे को चीर कर सुबह होती है
वक्त कितना भी बेरहम हो
एक दिन तो जीत होती है
समय के साथ “हेम ” की “ज्योत्स्ना ” फ़िर निखरेगी
मुझे यकीन है एक दिन किस्मत बदलेगी
इस लिये हार भी गये तो कोई ग़म नहीं
तुझसे हारे है ये जीत भी कम नहीं
समय और विश्वास के इस खेल में
बार बार हार कर बार बार जीतना सिखा दिया मुझको ।
हेम               =   सोना , Gold
ज्योत्स्ना      =   किरनें , Rays , light

17 responses »

  1. ढूँढते रहे तुझे रात के सितारों में
    पर सुबह को वो सब खो जाते हैं
    हम एक बार फ़िर तन्हा हो जाते है
    bahut khub hem ji

  2. हर रात के अन्धेरे को चीर कर सुबह होती है
    वक्त कितना भी बेरहम हो
    एक दिन तो जीत होती हैं

    बहुत सुंदर पंकितया है

  3. बहुत बहुत शुक्रिया हेम…..अचानक सर्च करते करते आपके पेज तक पहुन्च गाया……फिर मुझे हिन्दी की साइट्स देख्अने को प्रोतसाहन मिला…..और अब हिन्दी लिख्नने के टूल्स भी ढुन्ढ् लिये…..

  4. har raat ko cheer kar subah hoti hai
    waqt kitna bhi beraham ho, ek din jeet jaroor hoti hai
    ye line bahut pasand ayai. yahi jeevan ki sachai hai
    life is battle field for those who struggle with it.

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