वो एक लड़की……..

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वो एक लड़की……..
वो जो बातों-बातों में मूझको बदल जाती है ,
वो जो मेरे गम को पल में दूर कर जाती है ,
वो जो कभी फोन पर तो कभी मिलने आती है ,
वो जो बातों में , कविता में रगं भर जाती है ।

वो जो ख्यालों में भी मेरे , सवालों में भी मेरे ,
वो जो सबसे पास है मेरे , हमेशा साथ है मेरे ,
वो जिसे समझी भी और ना समझ पाती हूँ ,
वो जो रह रह कर मुझ को याद आती है ।

वो जो समझाती मुझे ,कभी ना समझ बन जाती है ,
वो जिससे मैं लड़खड़ाते कदमो मे भी सम्भल जाती हूँ ,
वो जिसे मैंने बताया बहुत और कुछ बताया नहीं ,
वो जिससे मैंने सीखा बहुत और कुछ सीखा नहीं ,

वो जिससे कुछ भी कहने में ड़रती नहीं मैं ,
वो जिससे बिछड़ ने से बहुत ड़रती हूँ मैं ,
वो खुद इस को पढ़लें तो समझे नहीं ,
वो मेरी सबसे अच्छी रुचि है , हाँ वही जो सुरुचि है।

Thanks my friend Suruchi –> for being my friend.

12 responses »

  1. प्रेम का एहसास दिलाती आप लिखी यह रचना अच्छी है।बहुत खूब लिखा है-

    वो जो ख्यालों में भी मेरे , सवालों में भी मेरे ,
    वो जो सबसे पास है मेरे , हमेशा साथ है मेरे ,
    वो जिसे समझी भी और ना समझ पाती हूँ ,
    वो जो रह रह कर मुझ को याद आती है ।

  2. दोस्तों पर सुंदर कविताएँ कई ब्लाग पर दिखी । धन्य है तुम्हारी दोस्त ।

    सोचकर सच पुछो तो जलन होता है – मेरा क्या ऐसा कोई मित्र नहीं । एक है तो उसे कविताएँ लिखनी नहीं आती ।

  3. नभ में बिखरे श्यामल बादल

    तुम्हें पुकारे पिघला काजल

    बंद खिड़की कर बंद दरवाज़ा

    चुपके से तू भीतर आजा

    आँखों को हौले से मींच

    बाहों के घेरे में भींच

    कोमल गालों को सहला दे

    चिर सोए एहसास जगा दे

    बढ़ जाए इस दिल की धड़कन

    हो फिर से होंठों में कंपन

    मधुर मिलन की मीठी बातें

    पल में गुज़रें लम्बी रातें

    गिरना उठना भूलें पलकें

    रोम रोम से मद अणु छलके

    तन थक कर हो जाए बोझिल

    मन सुन्दर सपनों में गाफ़िल

    प्रीत रीत का सूरज चमके

    तन मन रूह सोने सी दमके

    गम की सन्धया जाए बीत

    लौट आए जो बिछुड़ा मीत।।

    aur kuch panktiyan Dr.Kumar ki-

    जब भी मुँह ढक लेता हूँ

    तेरी ज़ुल्फों की छाँव में

    कितने गीत उतर आते है

    मेरे मन के गाँव में।

  4. Namaskar Hemjyotsna ji aap hamare hi Rajasthan mein chhupa hua ek ratna hain ye pehle maloom nahin tha(main Jaipur ka hoon)– aapki kavitayen padhi,bahut achchi lagi,apne ek favourite kavi ki panktiyan apko bhej raha hoon padhiyega aur apna mail id mujhe bhejen

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