
| सो | मँ | बु | गु | शु | श | र |
|---|---|---|---|---|---|---|
| « अक्टू | ||||||
| 1 | 2 | |||||
| 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
| 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 |
| 17 | 18 | 19 | 20 | 21 | 22 | 23 |
| 24 | 25 | 26 | 27 | 28 | 29 | 30 |
Posted by Hem Jyotsana "Deep" on मार्च 10, 2009

Posted in Blogroll, deep, hemjyotsana, hindi, Uncategorized | Tagged: होली, holi | 7 Comments »
Posted by Hem Jyotsana "Deep" on मार्च 20, 2008
रंगो ने की रंगो से बातें होली हो गई ।
मस्ती में मस्तो का मिलना टोली हो गई ।
देखा चुराया माखन ,खूब लगाई ड़ांट ,पर
देख के भोले मोहन को वो ,भोली हो गई ।
मन रंगा जब से श्याम रंग में ,
हर एक खुशी मेरी अब ,हमजोली हो गई ।
हर रात को बंसी सुन सुन कर ,
नीम चढ़े मेरे मन की , मिठी बोली हो गई ।
जब दिल ने आवाज़ लगाई कान्हा कान्हा कान्हा ।
सुख सपनो से भारी , मेरी झोली हो गई ।
मुस्का के जब जब देखा मैंने उसको ,
बीच खड़ी सब दिवारें पल में ,पोली हो गई ।
पूजा दिल में दिल से जब जब उस मुरत को ,
सांसे धड़कन मेरी ,चन्दन रोली हो गई ।
Posted in गज़ल, गीत, जिन्दगी, Blogroll, chand sher, deep, geet, ghazal, hemjyotsana, hindi, kavita, poems, shayeri, sher, Uncategorized | Tagged: कविता, दीप, लम्हें जिन्दगी के, होली, hem jyotsana parashar, hindi poems, holi, jindagi, lamhe jindagi ke, poems in hindi | 6 Comments »