लम्हें जिन्दगी के

मेरी कवितायें

शहरों का बच्चा है

Posted by hemjyotsana "Deep" on June 10, 2009

 
रंग महौब्बत का है 
ताउम्र चमकता रहता है ।
इस नगरी में जादु है 
गुलाल बरसता रहता है ।

क्या तुम से मिलता है ?
एक दिवाना भटकता रहता है ।
बचपन जिसके साथ है
वो हर पल चहकता रहता है ।

शाख से गिरता है
और भटकता रहता है ।
शहरों का बच्चा है
माँ को तरसता रहता है ।

____________
______________
दिल रात दिन रोशन है 
“दीप” जलता रहता है ।

12 Responses to “शहरों का बच्चा है”

  1. शहरों का बच्चा है
    माँ को तरसता रहता है ।

    तथाकथित आधुनिकता के ऊपर अच्छा प्रहार। वाह।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    http://www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

  2. M Verma said

    बहुत खूब –
    आशा का दीप जलाये रखने के लिये
    सुन्दर

  3. सुंदर रचना है, बधाई!

  4. tanu said

    beautifully painted pain….!!

  5. शहरों का बच्चा है
    माँ को तरसता रहता है ।
    panktiyaan gahre arth sanjoye hain

  6. Sundar.

  7. बधाई, ज्योत्सना जी.
    इंतज़ार तो बहुत लम्बा करवाया आपने पर कविता पढने के बाद लगा की इंतज़ार बेकार नहीं गया..
    ख़ूबसूरत कविता….. बेहद कसी हुई पंक्तियाँ……. हकीकत और कल्पनाओं को समेटे हुए…

  8. आधुनिक जीवन को आपने सीधे, सरल शब्दों में प्रभावशाली तरीके से काव्यात्मक अभिव्यक्ति दी है । आपकी कविता का कथ्य, शिल्प, भाव और विचार सभी प्रभावित करते हैं। सूक्ष्म संवेदना को आपने बडी बारीकी से रेखांकित किया है । बधाई ।

    मैने अपने ब्लाग पर एक लेख लिखा है-फेल हो जाने पर खत्म नहीं हो जाती जिंदगी-समय हो तो पढें और अपनी राय भी दें-

    http://www.ashokvichar.blogspot.com

  9. bahut sundar!!

  10. RAMESH SACHDEVA said

    कविता की जितनी भी तारीफ की जाए कम है।
    वक्त की नजाकत का बयाँ अच्छा है।
    उम्मीद अच्छी है, परिणाम भी अच्छा होगा।
    दिल रात दिन रोशन है
    ‘‘दीप’’ जलता रहता है।

    शाख से गिरता है, भटकता रहता है वाली बात का कुछ काव्य भाव समझ नहीं आया क्योंकि
    अगली पंक्ति शहर का बच्चा माँ का तरसता रहता है बहुत खूब है।

    रंग मुहब्बत का ताउम्र चमकता रहता है। काश ये भी होता ..
    इस नगरी का जादू है (आज का ऐसी नगरी दिखाई नहीं देता)

    कुल मिलाकर एक कविता के रूप में बहुत खूब है।
    आपने अपनी शैली को जिन्दा रखा है।

  11. harijoshin said

    रंग महौब्बत का है
    ताउम्र चमकता रहता है ।
    इस नगरी में जादु है
    गुलाल बरसता रहता है ।

    always mohabbat….

  12. sharat said

    aaj aapko ’sunkar’rahat sa laga….aandhi daud main hum apno ke saath chote se khoobsoorat pallll bhoooool jaate hain…shaharon ka bacchhaaaa…saharon ki yaadein…

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