लम्हें जिन्दगी के

मेरी कवितायें

2 साल -एक सफ़र

Posted by hemjyotsana "Deep" on March 2, 2009

2 मार्च 2007 ,
जब मैनें अपने ब्लोग पर पहली पोस्ट की थी तो ये नहीं जानती थी कि आगे क्या होगा ।
बस युँ ही ब्लोग बनाया और फ़िर ….

यूँ सफ़र पे चल दिये थे के मंजिल का ना पता था ,
हम बह रहे थे युँ ही के साहिल का ना पता था ।

कविता मेरे लिये शब्दो की कोई जादुगरी सी नहीं बल्कि ज़िन्दगी से बात करने का एक रास्ता है । मैं जब भी ज़िन्दगी से बात करती हुँ या ज़िन्दगी की बात करती हूँ लिखने लगा जाती है जिसे कभी कविता कभी नज्म ……. या कभी हजल कह देती हूँ । बस ये मेरी रचनाये हैं जो मेरी तरह ही नियमों में बन्धना नहीं चाहती ।

लम्हे जिन्दगी के से मुझे बहुत कुछ मिला …….. ये मेरा एक साथी है जो मुझे समझता है मुझसे बात करता हैं जिसके जरिये में दुनिया से बात करती हूँ ।

लम्हे ज़िन्दगी के ने मुझे मेरे एक कमरे से एक नई दुनिया दिखाई जिसमे मुझे मेरी सोच और मेरे शब्दो के ने एक जगह बनाने दी है इस दुनिया में लगभग सभी मुझे नहीं जान कर भी जानते है ।

यहाँ मैनें बहुत सीखा और ये सब आप सब पढ़ने वालो के कारण जिन्होने मुझे सही और गलत समय समय पर बताया ।

कई नाम है पर सब से पहले जिन्हे में अपना यहाँ गुरू मानती हुँ महावीर सर , देवी नानरानी ,रमा जी
बहुत बहुत शुक्रिया आप से बहुत कुछ सीखा है और अभी बहुत कुछ सिखना हैं आप सब के मार्गदर्शन के लिये बहुत बहुत शुकिया ।
महावीर सर के ब्लोग पर हुए बरखा-बहार मुशयरा मेरा पहला मुशयरा था और मुझे बेहद खुशी है के मैं अपना पहला मुशायरा महावीर जी सर की छत्र-छाया में किया ।

प्रेम पीयुष सर , समीर लाल जी ,सागर नाहर जी आप ने हमेशा मेरी हौसला बनाये रखा ।

कई और भी है सब नाम यहाँ लेना तो बहुत मुश्किल है पर
आप सभी जिन्होने मुझे पढा़ प्रतिक्रिया दी ………. बहुत बहुत धन्येवाद ।

उम्मीद है आगे भी आप सब का सहयोग आगे भी मिलता रहेगा ।

लम्हे ज़िन्दगी के ने मुझे एक पहचान दी है । वर्ष 2007-08 के २० ब्लोग की सुची में खुद को पाकर अच्छा लगा था ।

आज एक और बहुत अच्छी खबर मै आप सब को सुनाना चाहती हूँ ……
मेरी एक कविता
हे जीव जगत के मनुज सुन
तु बलशाली है थक हार नहीं ।

जिसे 27 जुलाई 2007 को ब्लोग पर लगाया था ।

आज एक विघालय HPS (हरियाणा पब्लिक स्कूल) डा़बवली की प्रार्थना बन गई है ।
जिसे खुद विघालय के डाइरेटर श्री रमेश सचदेव ने कम्पोस करवा कर मुझे भेजी हैं ।
रमेश सचदेव जी ने सब से मेरी रचनाये पढी़ हैं मुझे अपनी छॊटी बहन मानते है ।
रमेश जी बहुत बहुत धन्यवाद ।

RAMESH SACHDEVA (DIRECTOR)
HPS SENIOR SECONDARY SCHOOL
M. DABWALI-125104

मुझे अच्छा लगा सुन कर ,जान कर कि मेरी एक कविता एक विघालय में हर सुबह गुँज उठती हैं और इस लिये में रमेश जी की बहुत आभारी हूँ जिन्होने मेरी कविता को इस लायक समझा ।

रमेश जी ने मुझे भी वो रिकोर्डिग भेजी है इस में आवाज रमेश जी के मित्र Mr. Balzinder जी की है ।
Mr. Balzinder और सभी Composer को धन्येवाद ।

ब्लोग विवरण (1 मार्च 2009 तक )–

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12 Responses to “2 साल -एक सफ़र”

  1. mohinder said

    दूसरी बर्षगांठ की मुबारकबाद… लिखते रहिये..एक दिन रजत जयन्ती भी मना रही होंगी आप :)

  2. mamta said

    दूसरी सालगिरह मुबारक हो ।
    बस ऐसे ही लिखती रहिये ।

  3. Lovely said

    bahut badgai 2 sal pure hone ki.aise hi hamesa likhti rahen.

  4. बधाई और शुभकामनाएं.

  5. Shubhashish Pandey said

    bahut bahut badhai
    hume ummid hai ki hum aage bhi aisi rachnaye padhte rahenge

  6. badhi hoo. 2 sal pure ho gayen hai, 2 kg mithai mahoocha dijiyen , aise hi koi blog ka janam din manaya jata hai kya. chalo mooha mitha karavao.

  7. sameer lal said

    पुनः, बहुत बहुत ब्लॉग सालगिरह की-अनेक शुभकामनाऐं.

  8. mehek said

    2 saal bahut mubarak ho,aapki kavita dhwani ein behad sundar rachi gayi hai badhai,ye deep yuhi hi jalta rahe nirantar.

  9. हेमज्योत्स्ना जी,ब्लाग के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हमारी ढ़ेरों हार्दिक शुभकामनाएँ। तुम्हारी कविता भी सुनी बहुत बढ़िया शब्द, स्वर और संगीत है… पुन: बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभाशीष @};-

    डा.रमा द्विवेदी

  10. deepa gupta said

    nice one….unhe lagta hai wo piche rah gye,unhe lagta hai sab age chale aur wo ruk gye…unko shayad ye maloom nahi..unki gagar me ansoo hi sahi kuch to tha…jo aage nikale wo bhari barish me sukhe rah gye….

  11. आपकी कविता को पार्थना के रुप में गाये जाने के लिये, और आपके ब्लॉग को दो साल पूरे होने के लिये मेरी तरफ से भी बधाई स्वीकार कीजिये।
    आपने अपने इस सफर में मुझे भी याद रखा उसके लिये भी मैं आपका शुक्रगुजार हूँ।

  12. SARWAR (S A ANSARI) said

    apki kavita ke HPS ki prarthna ke taur par selection par dil ki gahraiyon se MUBARAKBAD. keep it up.

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