Posted by hemjyotsana "Deep" on January 5, 2009
पन्नों में जल रहे थे कुछ साल ज़िन्दगी के ,
धुआँ धुआँ से हो गये कई ख्याल ज़िन्दगी के ।
एक तेरी याद है बस जो दिल बेहलाती है ,
वरना सताते हैं हमे कई सवाल ज़िन्दगी के ।
वफ़ा मोहब्बत में ,दोस्ती में बेवफ़ाई ,
होते है कई तजूर्बें बेमिसाल ज़िन्दगी के ।
हंसते चेहरे जलते पावं , नदिया चिडियाँ गावं ,
हर पल नजर आते हैं कमाल ज़िन्दगी के ।
शाम से सुबह ,सुबह से रात का सफ़र ,
मालिक हैं हम ऎसी बेहाल ज़िन्दगी के ।
This entry was posted on January 5, 2009 at 4:25 am and is filed under Blogroll, chand sher, deep, dosti, friend, friendship, hemjyotsana, hindi, kavita, life, poems, shayeri, sher, चन्द शेर, जिन्दगी, दोस्त, दोस्ती.
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nirmla.kapila said
panno me jal rahe kuch kheyaal jindgi ke—– bahut he badiyaa likh bdhaai
sameer lal said
हंसते चेहरे जलते पावं , नदिया चिडियाँ गावं ,
हर पल नजर आते हैं कमाल ज़िन्दगी के ।
-बहुत बेहतरीन..वाह!!
prashant said
हंसते चेहरे जलते पावं , नदिया चिडियाँ गावं ,
हर पल नजर आते हैं कमाल ज़िन्दगी के ।
bahut achhi lines..
Dwijendra Dwij said
पन्नों में जल रहे थे कुछ साल ज़िन्दगी के,
ग़ज़ल में आपकी रुचि को सलाम
sonam shah said
waah kya khoob likhti hain aap
हंसते चेहरे जलते पावं , नदिया चिडियाँ गावं ,
हर पल नजर आते हैं कमाल ज़िन्दगी के ।
शाम से सुबह ,सुबह से रात का सफ़र ,
मालिक हैं हम ऎसी बेहाल ज़िन्दगी के । …. majaa aagya.
likhti rahiye
ramadwivedi said
पन्नों में जल रहे थे कुछ साल ज़िन्दगी के ,
धुआँ धुआँ से हो गये कई ख्याल ज़िन्दगी के ।
शाम से सुबह ,सुबह से रात का सफ़र ,
मालिक हैं हम ऎसी बेहाल ज़िन्दगी के ।
बहुत खूब भावाभियक्ति ….हार्दिक बधाई..सस्नेह..
Raj said
Your Blog is so rich.A Nice spot for poet lover.
sapna said
bam bam bole masti main dole hole hole. I mean Good Luck with your site. Thanks
महावीर शर्मा said
पन्नों में जल रहे थे कुछ साल ज़िन्दगी के ,
धुआँ धुआँ से हो गये कई ख्याल ज़िन्दगी के ।
वाह! भावों से ओतप्रोत रचना है। बहुत सुंदर।
Prashant Singh said
wah bahi wah …marm sparshi kavita likh de aapne tou . mazza aa gaya padh ke
विकास श्रीवास्तव said
नमस्ते ज्योत्सना जी,
कुछ कह कर आपकी कविता का स्तर नही गिराना चाहता………क्यों कि मेरे पास इतनी अच्छी कविता के लिये इतने अच्छे शब्द है ही नही………अभी कुछ दिनो पहले कोटा आना हुआ था पहले अगर कही आपकी अभिव्यक्ति पढ ली होती तो आप से मिल कर ज़रूर आता…
भविष्य मे भी आप ऐसा ही अच्छा अच्छा लिखती रहेगी इस शुभेक्षा के साथ आपका प्रशन्शक
विकास श्रीवास्तव
भिण्ड
+919893308324
विकास श्रीवास्तव said
vikash.shrivastava@yahoo.com
unique.vikasshrivastava@gmail.com
पर लगभग हमेशा ही online होता हू……………बडी खुशी होगी अगर आप कभी मिले
वैसे रोमानियाँ तो बहुत देखी हैं पर आपकी कविता मे जो कटाक्ष देखने को मिला वो वाकयी स्मरण रखने लायक है
balram said
ultimate
balram said
pata nahi kabhi -2 jab akele hoten h tab ahsas hota h in sabhi baton ka jinhe apne bahut hi sunder tarik se shabdon m piroya h is tarah ki kavita padhk rahat mahsus hoti h
mahesh baheti said
शाम से सुबह ,सुबह से रात का सफ़र ,
मालिक हैं हम ऎसी बेहाल ज़िन्दगी के
online moneymakintip said
hey bhut acchl ikha ha apne