लम्हें जिन्दगी के

मेरी कवितायें

मेरे शब्द-मेरे विचार

Posted by Hem Jyotsana "Deep" on दिसम्बर 24, 2008

 अपनी इच्छाओं के विरूध्द वक्त को समझ कर दिल को समझा कर हालातों के साथ किस्मत से लड़ना ही जिन्दगी है ।

– हेम ज्योत्स्ना “दीप “

 जिन्दगी की हर सुबह जरुरी नहीं के रोशनी के साथ हो , कभी कभी बादल किरनों को रोक लेते हैं पर रोशनी का होना तय है चाहे  वो बादलो के बरसनें के बाद ही आये ।

– हेम ज्योत्स्ना “दीप “

 Nothing is everything for me because everything is nothing for me including you

– हेम ज्योत्स्ना “दीप “

ये नीचे के दोनों मेरे शब्द नहीं पर अच्छे लगे सो लिख दिये –

कोई इन्सान महान नहीं होता , महान होती है चुनोतियाँ  और जब एक आप आदमी इन्हें स्वीकार करें तब वो महान कहलाता है ।

 – > फ़िल्म – विरुध्द

चल चलते जायें चलना है , कितने भी हो दुख सहना हैं मिट्टी मिट्टी से मिल जायें कलीयों को फ़िर से खिलना है । तेरे ही कदमों से जिने की राह पाई है , सुने आँगन में धुन प्यार की सुना ये ज़मी आँसमाँ फ़िर होगे मेहरबान ,खिलखिलाती आ रही है सुबह।

– > फ़िल्म – विरुध्द

About these ads

4 Responses to “मेरे शब्द-मेरे विचार”

  1. आप ऐसे ही ज्योत्सना बिखेरती रहें, लगातार।

  2. Lucky said

    अपनी इच्छाओं के विरूध्द वक्त को समझ कर दिल को समझा कर हालातों के साथ किस्मत से लड़ना ही जिन्दगी है ।

    नदी की धारा के बिपरीत बह कर सागर में नही मिला जाता ……

    उस अन्तिम लक्ष्य को पाना है तो बहना होगा ,सारी इच्छाओं,हालातो ,वक़्त और सायद किस्मत को समेट कर :)

  3. mehek said

    bahut khub sach raoushani badalon ke baad aaye magar ati to hai.har vichar bahut achha laga.

  4. nothing much to say… just brilliant…

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

%d bloggers like this: