लम्हें जिन्दगी के

मेरी कवितायें

अनूभूति में अब हम भी

Posted by hemjyotsana "Deep" on April 23, 2008

नमस्कार ,

इन दिनो लिखना बहुत कम होगया है ।

आज भी कोई कविता या रचना पोस्ट नहीं कर रही ।

आज सिर्फ़ ये समाचार आप तक पहुचाने आई हुँ कि अनुभूति के पिछ्ले अंक ( 14 april ) से मुझे भी अनुभूति में शामिल किया गया हैं ।

हेम ज्योत्स्ना पाराशर

सादर

हेम ज्योत्स्ना पाराशर “दीप”

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