लम्हें जिन्दगी के

मेरी कवितायें

हेम की ज्योत्स्ना

Posted by hemjyotsana "Deep" on April 4, 2008

एक हार ने हरा दिया मुझको ,
जीत है क्या ? एहसास करा दिया मुझको ,
ये दुनिया भीड़ का एक सैलाब सा है ,
जब भी सुना गमो का एक शोर सा है ।
तेरे इन्तजार ने, तन्हाई से मिला दिया मुझको ,
तेरी चुपी हर शोर में सुनाई देती थी ,
आँखों को बन्द कर जब भी देखा ,
तू हर रंग में नजर आया ,
तेरी बातों पर जब भी चला मैं ,
मंज़िल तक रास्ता नजर आया ,
तू मेरे साथ हैं इस हौसले ने ,
तुफाँ में साहिल तक आना सीखा दिया मुझको ।
युँही भटक रहे थे हम वक्त के गलियारों में
ढूँढते रहे तुझे रात के सितारों में
पर सुबह को वो सब खो जाते हैं
हम एक बार फ़िर तन्हा हो जाते है
तू मिलेगा एक दिन चांद की तरह
इस सच ने रातभर तारों की तरह चमकना सीखा दिया मुझको
हर रात के अन्धेरे को चीर कर सुबह होती है
वक्त कितना भी बेरहम हो
एक दिन तो जीत होती हैं
समय के साथ “हेम ” की “ज्योत्स्ना ” फ़िर निखरेगी
मुझे यकीन है एक दिन किस्मत बदलेगी
इस लिये हार भी गये तो कोई गम नहीं
तुझसे हारे है ये जीत भी कम नहीं
समय और विश्वास के इस खेल में
बार बार हार कर बार बार जीतना सीखा दिया मुझको ।
हेम               =   सोना , Gold
ज्योत्स्ना      =   किरनें , Rays , light

13 Responses to “हेम की ज्योत्स्ना”

  1. shubhashishpandey Says:

    kafi sajiv si kavita hai ye, ek khas najariye ko darshati hui , bahut khub

  2. Abhishek Says:

    अच्छी पक्तियाँ है:

    समय के साथ “हेम ” की “ज्योत्स्ना ” फ़िर निखरेगी
    मुझे यकीन है एक दिन किस्मत बदलेगी

    सुंदर !

  3. Annapurna Says:

    सोने के घटते बढते भावों पर लिखा है क्या ?

  4. hemjyotsana "Deep" Says:

    Annapurna jee
    nahi ye gold par nhi hemjyotsana par likhi hai
    ek aam insaan par… Jo jindagi jeeta hai ladta hai haarta hai fir ladta hai.

  5. anuradha srivastav Says:

    सुंदर !

  6. mehek Says:

    ढूँढते रहे तुझे रात के सितारों में
    पर सुबह को वो सब खो जाते हैं
    हम एक बार फ़िर तन्हा हो जाते है
    bahut khub hem ji

  7. pinki Says:

    aap hamesha chamakte rahe………
    bahut khub

  8. kmuskan Says:

    हर रात के अन्धेरे को चीर कर सुबह होती है
    वक्त कितना भी बेरहम हो
    एक दिन तो जीत होती हैं

    बहुत सुंदर पंकितया है

  9. Krishna Shukla Says:

    Didi Aap Jo Bhi Likhte Ho Bahut Achchha Likhte Ho.

  10. सागर नाहर Says:

    बहुत खूब हेम.. बहुत सुंदर कविता।

  11. anurag arya Says:

    bilkul mohtarma……ek din jeet tay hai.

  12. maazlabib Says:

    बहुत बहुत शुक्रिया हेम…..अचानक सर्च करते करते आपके पेज तक पहुन्च गाया……फिर मुझे हिन्दी की साइट्स देख्अने को प्रोतसाहन मिला…..और अब हिन्दी लिख्नने के टूल्स भी ढुन्ढ् लिये…..

  13. Vinay Sharma Says:

    ndi ki itni
    ACHCHI Websight
    lambe arse baad dekhi
    banane wale ko “SAADHUWAAD”
    KAVITAEYEN bhi sarahneeye hain

    “haar aur jeet sirf antarman ki choti si bhavana hi to nahin!”

    shubhkamna
    vinay
    Lucknow

Leave a Reply

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>