कह कर आप हंसे
Posted by hemjyotsana "Deep" on March 11, 2008
लोकतन्त्र का अन्तिम क्षण हैं कह कर आप हंसे ,
सब के सब हैं भ्रष्टाचारी ,कह कर आप हंसे ,
कितने आप सुरक्षित हैं जब में लगी सोचने ,
सहसा मुझे अकेला पाकर , फ़िर से आप हंसे ।
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