लम्हें जिन्दगी के

मेरी कवितायें

Archive for March 11th, 2008

कह कर आप हंसे

Posted by hemjyotsana "Deep" on March 11, 2008

लोकतन्त्र का अन्तिम क्षण हैं कह कर आप हंसे ,
सब के सब हैं भ्रष्टाचारी ,कह कर आप हंसे ,
कितने आप सुरक्षित हैं जब में लगी सोचने ,
सहसा मुझे अकेला पाकर , फ़िर से आप हंसे ।

Posted in 15-Aug, 26-jan, Blogroll, bharat, deep, hemjyotsana, hindi, life, poems, स्वतन्त्रता दिवस, स्वतन्त्रता संग्राम | 10 Comments »