लम्हें जिन्दगी के

मेरी कवितायें

Archive for February 20th, 2008

रोहित जैन जी आपका स्वागत है

Posted by hemjyotsana "Deep" on February 20, 2008

ब्लोग की दुनिया में अब एक नया नाम जुडा है रोहित जैन बहुत ही अच्छी गज़ले लिखते हैं रोहित जी ।मैनें सबसे पहले PDJS पर पढा था ।

जगजीत के एक फ़ेन है और क्या खूब लिखते आईये कुछ गज़लो के कुछ शेर में यहाँ लिख रही हूँ पर पुरी गज़ल तो आपको उनके ब्लोग पर ही पढनी होगी ।
1) वो शख़्स धीरे धीरे साँसों में आ बसा है
बन के लकीर हर इक, हाथों में आ बसा हैं2)

दिल के तलबखाने में आज कैसी शकेबाई सी है
कोई साज़ नहीं है कानों में शहनाई सी है

हाय तमाशा क्या लगा है मेरे दिल के आस पास
सुरूर-ए-कैफ़ की बारिश है और तन्हाई सी है

3)

काटे हैं इन्सान ने दिल की रगों से खंजर कई
दिल की हिम्मत से सुनो झुक जाते हैं लश्कर कई

4)

दिल जला उस की तस्वीर जल गई होगी
इश्क़ की आखरी तहरीर जल गई होगी

5)

चराग-ए-सोज़-ए-ग़म ‘रोहित‘ बुझ ना जाये कहीं
इस नूर से ही ज़िंदगी मैने ये सजाई सी है

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http://rohitler.wordpress.com

रोहित जी आपका बहुत बहुत स्वागत है । आप लिखते रहे और हम सब को पढने को अच्छी गज़ले मिलती रहे ।

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