लम्हें जिन्दगी के

मेरी कवितायें

इश्क़ में इल्ज़ाम उठाने ज़रूरी हैं

Posted by hemjyotsana "Deep" on December 26, 2007

सफ़र के बाद अफ़साने ज़रूरी हैं |
ना भूल पाए वो दीवाने ज़रूरी हैं |

जिन आँखों में हँसी का धोखा हो
उन के मोती चुराने ज़रूरी हैं |

माना के तबाह किया उसने मुझे ,
मगर रिश्ते निबाहने ज़रूरी हैं |

ज़ख़्म दिल के नासूर ना बन जाए
मरहम इन पे लगाने ज़रूरी हैं |

माना वो ज़िंदगी हैं मेरी लेकिन ,
पर दूर रहने के बहाने ज़रूरी हैं |

इश्क़ बंदगी भी हो जाए, कम हैं,
इश्क़ में इल्ज़ाम उठाने ज़रूरी हैं |

महफ़िल में रंग ज़माने के लिए ,
दर्द के गीत गुन-गुनाने ज़रूरी है |

रात रोशन हुई जिनसे ,सारी ,
सुबह वो ”दीप” बुझाने ज़रूरी हैं|

14 Responses to “इश्क़ में इल्ज़ाम उठाने ज़रूरी हैं”

  1. क्या खुब लिखा है “दीप”, गजल काफी पसंद आया ।

    इसी तर्ज पर कुछ यूँ अर्ज है –

    जिन बातों को कल तक न समझा था,
    न जाने क्यों , आज समझना जरुरी है ।

    कल तक एक चांद चलता था साथ मेरे,
    बची यादों की सफर, और अफ़साने ज़रूरी हैं |

  2. उमाशंकर सिंह said

    दिल और व्यवहारिकता दोनों के क़रीब!

  3. बहुत बढिया गजल है।बधाई।

    महफ़िल में रंग ज़माने के लिए ,
    दर्द के गीत गुन-गुनाने ज़रूरी है |

    रात रोशन हुई जिनसे ,सारी ,
    सुबह वो ”दीप” बुझाने ज़रूरी हैं|

  4. mehek said

    जिन आँखों में हँसी का धोखा हो
    उन के मोती चुराने ज़रूरी हैं |
    wah wah jyotsanaji,dil kush kar diya apne.
    jab ishq kiya hai,to uske saath aanewali ilzam bhi to sahne hi honge.
    deep bujhanewala sher bhi khas hai ekdam.
    aurमहफ़िल में रंग ज़माने के लिए ,
    दर्द के गीत गुन-गुनाने ज़रूरी है |
    ye wala bhi.masha allah.

  5. omansh said

    बहुत प्यारी और सच्चाई से भरी पंक्तियाँ हैं !

    इबादत से नहीं मिलता, खुदा किसी को
    पत्थरों से अश्क निकालने जरूरी हैं !

  6. Avinash said

    इश्क़ बंदगी भी हो जाए, कम हैं,
    इश्क़ में इल्ज़ाम उठाने ज़रूरी हैं|

    ye lines kuchh khaas hain. yakeen maniye, main to inko dil se laga chuka hun.

    Khoob likhiye, Likhte rahiye.

    Thanks

  7. Avinash said

    aapne takhallus ka umda prayog kiya.

  8. इश्क़ बंदगी भी हो जाए, कम हैं,
    इश्क़ में इल्ज़ाम उठाने ज़रूरी हैं |

    बहुत खूब….बहुत उम्दा…

    नववर्ष की अनन्त शुभकामनाएं।

  9. Amit Kulshrestha said

    Bahut pyara likha hai ……..

  10. sunil ojha said

    bahut khoob- jyoti….
    ek software engineer itna touchy hoga kya zamanz mehsoos kar sakta hai
    sach hai
    zindagi ke aine mein zindagi sharma gayee
    tumne zab palke uthaein chandni sharma gayi
    but i say
    tumne zab kavita likhi to shayari sharma gayee

  11. reeta yadav said

    how emotional your writting

  12. reeta said

    itne bhi be rhm na ban jayeye

  13. वाह! बहुत ख़ूबसूरत ख़यालों से भरी हुई गज़ल हैः
    इश्क़ बंदगी भी हो जाए, कम हैं,
    इश्क़ में इल्ज़ाम उठाने ज़रूरी हैं |
    रात रोशन हुई जिनसे ,सारी ,
    सुबह वो ”दीप” बुझाने ज़रूरी हैं|
    बहुत ख़ूब!

  14. bahut khoob

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