इश्क़ में इल्ज़ाम उठाने ज़रूरी हैं
Posted by hemjyotsana "Deep" on December 26, 2007
ना भूल पाए वो दीवाने ज़रूरी हैं |
उन के मोती चुराने ज़रूरी हैं |
मगर रिश्ते निबाहने ज़रूरी हैं |
मरहम इन पे लगाने ज़रूरी हैं |
पर दूर रहने के बहाने ज़रूरी हैं |
इश्क़ में इल्ज़ाम उठाने ज़रूरी हैं |
दर्द के गीत गुन-गुनाने ज़रूरी है |
रात रोशन हुई जिनसे ,सारी ,
सुबह वो ”दीप” बुझाने ज़रूरी हैं|
Posted in Blogroll, chand sher, deep, dosti, friend, friendship, friendship-day, ghazal, hemjyotsana, hindi, kavita, life, nagame, ngame, poems, shayeri, sher, yaadein, yaadon, yaari, गज़ल, गीत, चन्द शेर, दोस्त, दोस्ती | Tagged: hindi poems, poems in hindi, hem jyotsana parashar, jindagi, लम्हें जिन्दगी के, lamhe jindagi ke, दीप, कविता | 13 Comments »














