लम्हें जिन्दगी के

मेरी कवितायें

Archive for December 11th, 2007

सुनाता रहा हूँ तुझे दिल की बातें

Posted by hemjyotsana "Deep" on December 11, 2007

सुनाता रहा हूँ तुझे दिल की बातें ,
तेरी आरज़ू में जिए जा रहा हूँ |

हूँ मदहोश या मैं दीवाना हूँ तेरा ,
तुझे हर तरफ़ हर घड़ी पा रहा हूँ |

भटकता रहा मैं रोशनी में भी लेकिन 
अंधेरो में भी अब तुझे पा रहा हूँ |

यूँ चल तो रहा हूँ मगर ना ख़बर हैं ,
मैं कैसे कहाँ और किधर जा रहा हूँ |

मगर इस यकीं पे मैं चल तो रहा हूँ ,
कि हो ना हो तेरे क़रीब  रहा हूँ |

तुझे पाके तुझको ही मांगता हूँ ,
तेरी दुआ मैं भी चला  रहा हूँ |

लिखें हैं जो मैने नहीं गीत मेरे ,
तेरी धड़कानो को बस गा रहा हूँ |

वहाँ जागता हैं रातों को तू भी ,
बन के दीप मैं भी जले जा रहा हूँ 

Posted in Blogroll, chand sher, deep, dosti, friend, friendship, geet, ghazal, hemjyotsana, hindi, kavita, nagame, ngame, poems, shayeri, sher, yaad, yaadein, yaadon, yaari, गज़ल, गीत, चन्द शेर, दोस्त, दोस्ती | Tagged: , , , , , , , | 6 Comments »