ग़म पे मेरे वाह-2 किये जाते हैं
Posted by Hem Jyotsana "Deep" on अक्टूबर 4, 2007
ज़िंदगी तुझको गुनगुना ना सके ,
मौत को ही ,शब्द दिए जाते हैं .
तेरी यादों में हर पल ए-ख़ुशी
ज़ख़्म ,अश्को से सिये जाते हैं ,
तू तो संग ना चल सकेगा मेरे ,
संग तस्वीर तेरी लिए जाते हैं ,
हाँ , ख़ुशी को तो सुन ना सके ,
ग़म पे मेरे वाह-2 किये जाते हैं ,
कोई भी ना आया जब थे प्यासे ,
अब तो बस अश्क पिये जाते हैं ,
ये दुआ है या ,’दीप’ सज़ा है कोई ,
बस यूँही , बेवजह जिये जाते हैं ,














समीर लाल said
ये दुआ है या ,’दीप’ सज़ा है कोई ,
बस यूँही , बेवजह जिये जाते हैं ,
-उम्दा भाव हैं, बधाई.
अतुल चौहान said
दिल की आवाज सही शव्दों में ब्लाग पर आई है। आगे भी ऐसी ही रचना की उम्मीद की आशा में………
Prem said
दर्द में भी कुछ बात है ! दीप को कोई सजा न मिले – यही दुआ है ।
muskaan said
well tried
Avinash said
nice creation.
thanks for sharing.
कौतुक said
प्रशंसा के शब्द नहीं मिल रहे
ढूंढ कर लाऊँगा कभी आराम से
सोचा वाह वाह कर लूं मैं भी
पहले चलने के इस मुकाम से..
Raj Pandey said
Absloutely fine Jyotsne g,
request to you kindly send some creative creation on my mail ID coz hav no time to excess net…
today i read ur creation its beautifull..
CARRY on dear..
GOD BLESS YOU.
Regards,
Raj Pandey
Reliance comm.
Ludhiana Cluster
Punjab.
Nob. 09316999990
krazzy said
ji bahut aacha laga ki jase sachchayi keh di ho in kuch shabdo mai aap ne