प्रश्न तेरी है कीमत क्या ?
Posted by Hem Jyotsana "Deep" on अगस्त 27, 2007
प्रश्न तेरी है कीमत क्या ?
भूल है जाते ,गर तू हो सुलझ गया ।
प्रश्न तेरी है कीमत क्या ?
अनसुलझे उलझे जीवन की ,
क्या दिशा और दशा है क्या ?
तेरा उत्तर तुझसे ऐसे है मिले ,
जैसे जीवन से मौत मिलें ।
मिलें चैन आराम तुझे ,
जब तुझको तेरा उत्तर मिलें ।
पर तेरा उत्तर के सम्मुख अस्तित्त्व है क्या ?
प्रश्न तेरी है कीमत क्या ?
तू चमके बिन उत्तर के ऐसे ,
ज्यों चन्दा बिन सूरज के ।
लाखों भ्रम वाले उत्तर है शोभा तेरी ,
प्रश्न तेरी है कीमत क्या ,
मिलकर सूरज से जैसे चन्दा गुम हो जाता है ,
तेरा अन्त भी उत्तर के संग आता है ।
प्रश्न तेरी है कीमत क्या ?
जन्म तेरा बस उत्तर कारण ,
अन्त तेरा बस उत्तर कारण ,
और सच्चा प्रश्न यही है ,
प्रश्न तेरे है पास क्या ?
बस उत्तर , बस उत्तर , बस उत्तर ।














बसंत आर्य said
बहुत स्तरीय कविता है. आपको बधाई और ध्न्यवाद्
divyabh said
प्रश्न तो उसका होता ही है किंतु उत्तर भी वही देता है बस वह उसे ढक देता है
जो जिज्ञासा को जन्म दे विकास का मार्ग तय करता है…।
वही सब का सब उसी का…।
बहुत शानदार कविता है… समझना भी एक प्रयास बन गया…।
paramjitbali said
बहुत बढिया कविता है।
reetesh gupta said
आपके प्रश्न-उत्तर वाली कविता अच्छी लगी….बधाई
समीर लाल said
तीन दिन के अवकाश (विवाह की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में) एवं कम्प्यूटर पर वायरस के अटैक के कारण टिप्पणी नहीं कर पाने का क्षमापार्थी हूँ. मगर आपको पढ़ रहा हूँ. अच्छा लग रहा है.
suruchi said
achhi hai but kuchha to kami hai shayad
महावीर said
बहुत ही सुंदर कविता है।
prakruti said
Kavita achchi lagi, dhanyavad. vaise prashna poochhane ki kimat bahut hoti hai. Mananiya sansad sadsyon ke prashna poochchne se to yahi lagata hai.
prem piyush said
प्रश्न पर कविता में कोई उत्तर ढुँढने की कोशिश भी प्रश्न बनकर रह गयी – पढ़कर कुछ ऐसा लगा । उत्तरों के लिए मानवता प्रयासरत है ।
रवीन्द्र प्रभात said
बहुत स्तरीय कविता, बार- बार पढ़ने योग्य है,आप जो कहना चाहते थे, उसमे सफल रहे हैं.बेहद सुंदर और सरगर्भीत , अच्छी रचना और अच्छी सोच यदि अच्छी भावनाओं के साथ परोसी जाए तो होठों से वाह निकलना लाज़मी है.….बधाई.
ritesh said
prasn ka sahi uttar ush prashan me hi hota hai. Sirf fark itana hai koi use es prasn se dhudh nikalta hai par koi nahi nikal pata
sujoy said
superb