जा रहा है मेरा देश…..
Posted by hemjyotsana "Deep" on August 11, 2007

विकास……………!!!
तुम्हारी ऊचाई को छुने जा रहा है मेरा देश ,
सिहासन विश्व गुरू के ,
तुम पर आसीन होने जा रहा है मेरा देश ,
नई उमगं से , नई तरगं से ,नई गति से ,
नई दिशा में , विजयी होने जा रहा है मेरा देश ,
उच्चता पर स्थित हो , नीचे से उपर ,
इस सम्पुर्ण विश्व को उठाने जा रहा है मेरा देश ,
बड़ी तपस्या से , बड़ी नम्रता से , कड़ी परीक्षा से ,
हर जीवन को सुखी बनाने जा रहा है मेरा देश ,
बुराईयों को त्याग , अच्छाईयों से युक्त ,
विकासशील से विकसित होने जा रहा है मेरा देश ,
सच्चाई की राह पर चल कर ,
निर्भेय अपने ध्येय को पाने जा रहा है मेरा देश ,
विकास……………!!!
तुम्हारी ऊचाई को छुने जा रहा है मेरा देश ,
वास्तव में नये रुप में , नये दौर में जा रहा है मेरा देश ,







August 14, 2007 at 12:14 am
हेम ज्योत्स्ना जी
बहुत हर्ष की बात है कि कोई इतनी शिदत से पढने का शौक भी रखता है, खुश हूं आपकी प्रतिक्रिया पाकर. आप को मैं पी डी एफ फाइल भेज सकती हूं. या दिली में सापदक का पता भेज सकती हूं. ” मेरे लम्हे जिन्दगी के” आजा़द हिंदु्स्तान के सुखमय यादों की एक अदभुत कडी है,
तुम्हारी ऊचाई को छुने जा रहा है मेरा देश ,
वास्तव में नये रुप में , नये दौर में तुम्हारी ऊचाई को छुने जा रहा है मेरा देश ,
वास्तव में नये रुप में , नये दौर में जा रहा है मेरा देश ,
साथ अपने सौंधी सी खुशबू मिट्टी की लेकर आ रहा है मेरा देश ,
विश्व का मँच मिला हिंदी का
घर घर में अब हिंदी बोलो
रात की रानी जैसे महकी
हिंदी भाषा फिज़ा में घोलो.
सस्नेह देवी नागरानी
August 14, 2007 at 3:29 pm
अगर आप हिन्दी में लिखना पसंद करते हैं तो सबसे सरल हिन्दी लेखन यहाँ किया जा सकता है| यह एक निःशुल्क वेबसाइट है जो हिन्दी पैड की सुविधा प्रदान करती है|
सौजन्य से: विनय प्रजापति
http://hemjyotsana.wordpress.com/
August 14, 2007 at 3:32 pm
क्षमा: http://www.hindini.com/tool/hug2.html