
विकास……………!!!
तुम्हारी ऊचाई को छुने जा रहा है मेरा देश ,
सिहासन विश्व गुरू के ,
तुम पर आसीन होने जा रहा है मेरा देश ,
नई उमगं से , नई तरगं से ,नई गति से ,
नई दिशा में , विजयी होने जा रहा है मेरा देश ,
उच्चता पर स्थित हो , नीचे से उपर ,
इस सम्पुर्ण विश्व को उठाने जा रहा है मेरा देश ,
बड़ी तपस्या से , बड़ी नम्रता से , कड़ी परीक्षा से ,
हर जीवन को सुखी बनाने जा रहा है मेरा देश ,
बुराईयों को त्याग , अच्छाईयों से युक्त ,
विकासशील से विकसित होने जा रहा है मेरा देश ,
सच्चाई की राह पर चल कर ,
निर्भेय अपने ध्येय को पाने जा रहा है मेरा देश ,
विकास……………!!!
तुम्हारी ऊचाई को छुने जा रहा है मेरा देश ,
वास्तव में नये रुप में , नये दौर में जा रहा है मेरा देश ,














