अनुगूँज 22: हिन्दुस्तान अमरीका बन जाए तो कैसा होगा – पाँच बातें
Posted by hemjyotsana "Deep" on August 7, 2007
मेरा अमरीका मय भारत ———->
1
सुबह के 11 बजे जब में उठी तो आदत से मजबूर बोली रामू ………… चाय ?
कोई जवाब नहीं आया आता भी कैसे अमरीका मय भारत जो था । अमरीका में नौकर मिलना ना मुम्किन सा होता है ।
भारत में कुछ मिले ना मिले रामू तो है ।
2
मैं अपने Hightech घर में Simple सी दाल बना रही थी । रोटी बन चुकी थी , चटनी भी तैयार थी ।
बस दाल का तड़का बाकी था । वो लगाया और जैसे ही खाना शुरू किया बाहर से आवाजें सूनी । दमकलें , पुलिस , सारे पड़ोसी इकत्रित मेरे दरवाजे को निहार रहे थे । मैं तो ड़र गई अमरीका मय भारत में भी दाल रोटी खाने वाते इतने है ।
पर जब पता चला के वो मेरे घर मे आग लगी है इस खबर के साथ मुझे निहार रहे , मेरी अमुल्य दाल की चिंता तो कम हुई ।
सावधान => अमरीका मय भारत में तड़का लगी दाल प्रतिबन्धित है। दिपावली पर पटाके नहीं फोड़ सकते ।
और अगर गलती से कोई अगरबत्ती जलाना चाहे या दाल में तड़का लगाना चाहे तो आग-संवेदक बन्द करना ना भूलें ।
3
आज सभी खब्बूओ के लिये खूश-खबरी ।
भारत को अमरीका मय भारत बनाने के हेतू- जनसंख्या कम करने के लिये उन्हे शहीद नही होना पड़ेगा ।
अमरीका मय होने के लिये भारत की आबादी को कम तो करना पडेगा और 80% खब्बू ही तो होते है अमरीका में ।
हम तो सुरक्षित है खब्बू जो है ।
4
एक शानदार सी कार जो परसो ही खरीदी थी । मै भ्रमंण पर निकली । क्या सड़क थी , क्या गति और किनती शानदार गाड़ियाँ ।
पर कुछ था जो मज़ा कम कर रहा था । कुछ था जो याद आ रहा था । अरे भाई साहब अमरीका मय भारत है , यहाँ भैंसो-गाय के टैफ्रिक में जो गाड़ी चलाने का मज़ा है वो नहीं मिलेगा ।
5
मेरी कार एक शानदार बड़ी सी इमारत के सामने आकर रूकी ।
40 मज़िला इस इमारत को मै देखती रह गई । जानते है वो क्या थी वो सिर्फ कार पार्किगं ।















mukesh said
चिठाकारो आप लोग भारत को भारत ही रहने दो क्योकि मे आपके इस विचार के सहमत नही हु क्योकि मे भारत के पारम्परिक रीती रिवाज , लाज लज्जा,योग, पोरानिक रामायण ,महाभारत वाला हमारा सोने कि चिड़िया कहलाने वाला प्यारा भारत देश ही पसन्द हे . मे आपके विचार से सहमत नही हुआ क्योकि अमेरिका का खुला खुला जीवन हमे पसन्द नही आएगा व अमेरिका जेसे जिन्दगी हमे पसन्द नही आएगी ।
समीर लाल said
कंडिका ३ के तहत हम भी सुरक्षित है-खब्बूगीरि में कोई कमी नहीं.
बढ़िया लिखा है.
Prem Piyush said
अमरीका मय भारत में अनुगूँज का प्रथम लेख भेंट स्वरूप लाने के लिए हेम का स्वागत है । हास्य रस का सही समावेश है ।
यूँ तड़का लगाकर पटाखा फोड़ने के जुर्म में पुलिस को फोन किया जा रहा है ।
pankaj बेंगाणी said
सही है.
अनूप शुक्ल said
अच्छा है। बढि़या कल्पनायें हैं।
mamta said
बहुत अच्छा !!
Devi Nangrani said
सुबह के 11 बजे जब में उठी तो आदत से मजबूर बोली रामू ………… चाय ?
आज हिंदुस्तान क्यों इतना याद आ रहा है? वहां बनी बनाई चाय मिलती है और यहां ????????मत पूछिये बेहालों का हाल.
देवी
Brij said
मजा आ गया काफी दिनों बाद ऐसा पढने को मिला
vishal mungi said
वो ४० मंज़िल्आ ईमारत क्या थी सिर्फ कार पार्किगं ! वाह !
कुच्छ और चीज़ें :
आपको गाय के दर्शन सिर्फ बर्गर में होंगे।
आप अपने माता पिता से केवल दीवाली / ईद पर मिलेंगे , और आप उनके लिए बढ़िया वाईन कि बोतल ले कर जायेंगे।
भारतीय नारी सब जगह अधनंगी घूमती दिखेगी।
आप अपने भाई / बहन / पति से ज़्यादा अपने कुत्ते को प्यार करेंगे।
ras said
Poem the nature of India in Hindi