चन्द शेर
Posted by Hem Jyotsana "Deep" on मई 29, 2007
( — 1 — )
आशियाँ मेरा होने से पहले ही , करवट युँ लेती है जिन्दगी ,
हशर औरों के मकाँ का देख,तोड़ देता हूँ सपना , मेरे घर का ।
( – 2 — )
दूर कहीं सूरज उगता है या चांद नजर आ जाता हैं ,
ऐसा लगता है के मिलने तू , मुझसे आ जाता है ।
( – 3 — )
हवा की तरह बँट ना सका हकीकत और ख्वाब में ,ख्वाबों को याद कर,
कभी हकीकत में रोया तो कभी ,हकीकत ख्वाबों में आके रुला गई ।
( – 4 — )
जब खताऐं करता था तो जिन्दगी देती थी नसीहत मुझको ,
अब नही करता हूँ कुछ तब भी जिन्दगी चार बातें सुना गई ।
( – 5 — )
ये बात है क्या मै क्या जानू ,फिर शब्द कहीं खो से गये ,
ये याद कहीं तेरी तो नहीं , फिर चैन गया फिर होश गये ।
( – 6 — )
रात भी रोशन होती है , दिन भी अन्धेरा लाता है ,
ये प्यार है क्या ए-मेरे खुदा क्या क्या हमको दिख लाता हैं ।
( – 7 — )
बड़ी मुश्किल है ये राहें जिन पे चल रहे है हम ,
हर नये मोड़ पे लगता है बदल रहे है हम ,
वक्त के हाथों में बन्धे है ऐसे ,
सुबह को जिन्दा है , शाम को ढल रहे है हम ।
( – 8 — )
जागी आँखों में नींद नहीं और पलकों में कोई ख्वाब नहीं ,
जीवन में कितने सवाल है जिनका कोई जवाब नहीं ।














sunil said
aapkin shayriya
mere dil ko chuu gai he hamesha aap yu hi likhti rahe
hamari mangal kamnaye aapke sath he.
Devi Nangrani said
रात भी रोशन होती है , दिन भी अन्धेरा लाता है ,
ये प्यार है क्या ए-मेरे खुदा क्या क्या हमको दिख लाता हैं ।
bahut khoob
Devi
sukhdev said
aapkin shayriya
mere dil ko chuu gai he hamesha aap yu hi likhti rahe
Yash said
kiss kiss ko kahe gum E dil ki dastaan, yaha toin har shaksh dard de kur bhool jata hy
mehhekk said
dil ko bha gayi
rahul said
kamaal, subhan allah, aafreen,
keep it up
kishan said
कब मिली है हमको बिरयानी
अपनी तो वही रोटी और दाल है
सब कुछ तो है वही पुराना,
फ़िर भी कहती हो नया साल है॥
bahut achchha laga
Nrendra said
Zahar milata gaya zahar pite gaye
Zindagi bhi hame aajmati gayi aur ham bhi
Zindagi ko aajmate gaye
Mohit Bagaria said
i like this….
रात भी रोशन होती है , दिन भी अन्धेरा लाता है ,
ये प्यार है क्या ए-मेरे खुदा क्या क्या हमको दिख लाता हैं ।
indra vir singh said
kafi acche hai apke lekh bahut good laga apko pad k